द्वारका पदयात्रा पर निकले अनंत अंबानी, बूचड़खाने जा रही मुर्गियों के लिए किया ऐसा काम, होने लगी वाहवाही

Anant Ambani

 

अंबानी परिवार अक्सर ही किसी ना किसी वजह से चर्चा में रहता है। इन दिनों अंबानी फैमिली आईपीएल में व्यस्त चल रही है। हाल ही में अंबानी परिवार की बहुओं श्लोका मेहता और राधिका मर्चेंट को वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले मैच का लुत्फ उठाते और अपनी टीम को सपोर्ट करते देखा गया। एक तरफ जहां अंबानी परिवार IPL में व्यस्त चल रहा है तो दूसरी तरफ फैमिली के छोटे बेटे यानी अनंत अंबानी द्वारका के लिए पदयात्रा पर निकले हैं। अनंत अंबानी जामनगर से लेकर द्वारका तक करीब 140 किलोमीटर पैदल चलेंगे। इस बीच अनंत अंबानी का एक वीडियो काफी चर्चा में है, जिसमें उनके हाथ में एक मुर्गी नजर आ रही है।

चर्चा में अनंत अंबानी का वीडियो

अनंत अंबानी की पदयात्रा को पांच दिन बीत चुके हैं और वह कई किलोमीटर पैदल चल चुके हैं। इस बीच वह रास्ते में पड़ने वाले बड़े मंदिरों के भी दर्शन कर रहे हैं। अनंत द्वारकाधीश मंदिर तक पैदल चलेंगे। इस पदयात्रा के बीच अनंत अंबानी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह बूचड़खाने जा रही मुर्गियों को बचाते नजर आए। इसके लिए उन्होंने कुछ देर के लिए अपनी पदयात्रा भी रोक दी।

अनंत अंबानी की शानदार पहल

वीडियो में अनंत अंबानी हाथ में एक मुर्गी पकड़े नजर आ रहे हैं और उनके बगल में एक बड़ा सा पिंजरा देखा जा सकता है, जिसमें सैकड़ों मुर्गियां बंद थीं। सिक्योरिटी से घिरे अनंत अंबानी किसी को मुर्गियों को बचाने और उन्हें बचाए गए जानवरों के साथ रखने के निर्देश देते दिखे। इसी के साथ उन्होंने शख्स को मुर्गियों के मालिक को पैसे देने को भी कहा, ताकि उन्हें इसके चलते किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।

अनंत अंबानी की हो रही तारीफ

अनंत अंबानी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और उनकी दयालुता देखने के बाद लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। वैसे भी अनंत अंबानी का जानवरों को लेकर प्यार जगजाहिर है। पशु-पक्षियों के संरक्षण और जानवरों के प्रति अनंत अंबानी के स्नेह को देखते हुए अंबानी फैमिली ने गुजरात में वन्यजीव संरक्षण केंद्र भी स्थापित किया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पिछले दिनों गए थे।

अनंत अंबानी की पदयात्रा

वहीं अनंत अंबानी की पदयात्रा की बात करें तो यात्रा के पांचवे दिन वह वडत्रा गांव के निकट स्थित विश्वनाथ वेद संस्कृत पाठशाला भी पहुंचे, जहां उन्होंने संस्थापक मगनभाई राजगुरु के चरण छूकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने ये पदयात्रा 28 मार्च को शुरू की थी, 10 अप्रैल को अपने जन्मदिन पर वह द्वारका पहुंचने की योजना में हैं। लोगों को किसी तरह की असुविधा ना हो, इसके लिए वह रात के समय यात्रा कर रहे हैं।

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